Jai Shri Krishna!
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Level – 1 Roadmap
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उद्घाटन समारोह
संकल्प • मंगलाचरण • प्रेरक संदेश
परिचय सत्र
टीम से परिचय • कार्यक्रम का रोडमैप
Level 1 — 20 दिन
प्रतिदिन 2 श्लोक पाठ व अभ्यास • उच्चारण पर विशेष ध्यान
क्लास प्लेटफ़ॉर्म: Zoom
लाइव इंटरैक्शन • स्क्रीन-शेयर • रियल-टाइम प्रश्नोत्तर
एक-क्लिक जॉइन (ऐप लिंक)
ऐप में दिए लिंक से सीधे Zoom जॉइन
वीकेंड अर्थ-विवेचन
अर्थ, गूढ़ संकेत, संदर्भ, व्यावहारिक सूत्र • Q&A
अतिरिक्त कक्षाएँ
गीता संस्कृत व्याकरण व सपोर्ट सेशन
वैकल्पिक उच्चारण-वीडियो सबमिशन
निर्देशानुसार रिकॉर्ड व सबमिट • व्यक्तिगत फ़ीडबैक
गीता गुंजन ई-प्रशस्ति पत्र (Level 1)
Recognition of learning level 1
आनंदोत्सव
अनुभव व प्रेरक साझा • कविताएँ • मनोगत
अध्ययन सामग्री (निःशुल्क)
ऑडियो • वीडियो • PDF
Practice App
practice.learngeeta.com (दैनिक अभ्यास, दोहराव, प्रगति ट्रैक)
Level 2 में प्रवेश
गहन अध्ययन: जटिल श्लोक, संदर्भ, जीवन-प्रयोग
📞 Helpline: 1800 203 6500
गीता परिवार के बारे में?

गीता परिवार की स्थापना वर्ष 1986 में प.पू. स्वामी श्रीगोविन्ददेव गिरि जी महाराज द्वारा बालकों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई थी।
गीता परिवार के अनगिनत निष्ठावान कार्यकर्ता निःस्वार्थ भाव से एक परम वैभवशाली राष्ट्र के निर्माण के उद्देश्य के साथ कार्य कर रहे हैं। गीता परिवार के कार्य का आधार है प.पू. स्वामी श्रीगोविन्ददेव गिरि जी महाराज द्वारा दिए गए पंचसूत्र :
1) भगवद्भक्ति 2) भगवद्गीता 3) भारतमाता 4) विज्ञान दृष्टि 5) स्वामी विवेकानंद
▪️गीता परिवार के अन्तर्गत की जाने वाली ऑनलाइन गतिविधियाँ –
1) श्रीमद्भगवद्गीता संथा वर्ग (लर्नगीता)
2) श्री विष्णुसहस्रनाम पठन
3) श्रीरामरक्षा स्तोत्र संथा वर्ग
▪️गीता परिवार के अन्तर्गत की जाने वाली ऑफलाइन गतिविधियाँ –
बाल संस्कार केंद्र, योग सोपान, श्रीमद्भगवद्गीता संथा वर्ग, शौर्य संस्कार आदि।
हमारे देश की संस्कृति, जीवनमूल्यों पर आधारित संस्कृति है। किन्तु उस संस्कृति को हम भूल रहे हैं जिसके फलस्वरूप सुख-शांति को खो रहे हैं। समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए हमारी संस्कृति का रक्षण करना हमारा परम कर्तव्य है।
हमारा विश्वास है कि लर्नगीता (गीता परिवार) के माध्यम से लाखों लोगों का जीवन परिवर्तित होगा और यह भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान में आवश्यक सिद्ध होगा।
लर्नगीता, गीता परिवार 🚩
गीता पढ़ें, पढ़ायें, जीवन में लायें!!


